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Kullu Dussehra 2020, (कुल्लू दशहरा) Lord Raghunath’s Rath Yatra

Why Kullu Dussehra Famous

Kullu Dussehra 2020 में कब मनाया जायेगा

आज हम आपको बतायेंगे Kullu Dussehra 2020 में कब मनाया जायेगा l कुल्लू दशहरा 15 अक्टूबर 2020 दिन शुक्रबार को कुल्लू ढालपुर दशहरा मैदान में मनाया जायेगा l हिमाचल प्रदेश के कुल्लू का दशहरा अन्तेर्राष्ट्रीय महोत्सव है l जिसे देखने के लिए दूर दराज के देशो से भी लौग देखने के लिए यहाँ आते है l कुल्लू दशहरा की पुरे विश्ब में अपनी एक अलग छाप है l

हिमाचल की धरती को देवताओ की धरती भी माना जाता है l हिमाचल प्रदेश में 2000 से भी अधिक देवता है l भगवान् रघुनाथ जी को कुल्लू घाटी का देवता माना जाता है l Lord Raghunath’s Rath Yatra कुल्लू दशहरा में निकाली जाती है l एसी मान्यता है l कि हडिम्बा माता के कहने के बाद ही कुल्लू दशहरा की शुरुआत की जाती है l

Kullu Dussehra 2020 Mahamilan Of Gods

Kullu Dussehra 2020 में पुरे हिमाचल प्रदेश से देवी देवता पालकियो में सवार होकर ढालपुर दशहरा मैदान में पहुंचते है l इस शुभ उत्सव पर सभी देवताओ का मिलन होता है l अलग अलग जगहों से आने वाले देवताओ का अपना अपना स्थायी निवास स्थान होता है l भगवान् रघुनाथ जी के दरवार में देवताओ का मिलन होता है l

Lord Raghunath’s Rath Yatra

Kullu Dussehra में Lord Raghunath’s Rath Yatra निकाली जाती है l Lord Raghunath’s Rath Yatra यह रथ यात्रा पुरे ढालपुर मैदान के चारो और घूमते हुए निकलती है l हजारो की तादाद में लौग इस रथ यात्रा का हिस्सा बनते है l

Lord Raghunath’s Rath Yatra ढोल नागारो और बैंड बाजो के साथ निकाली जाती है l इस रथ यात्रा में रथ को खिचना बहुत धार्मिक माना जाता है l कुल्लू दशहरा हिमाचल की संस्कृति का अभिन्न अंग है l जो पुरे जोरो शोरो से कुल्लू में celebrate किया जाता है l

History of kullu dussehra

प्राचीनकाल में राजा जगत सिंह जो कि कुल्लू जिला के राजा थे l उनको किसी ने मिथ्या खबर दे दी l कि पंडित दुर्गादास जी जोकि टिप्परी गाँव के रहने वाले थे l उनके पास मोतियों का खजाना है l जो राजा के पास होना चाहिए l राजा ने भी यह बात सुनकर अपने सैनिको को खजाना लाने के लिए भेज दिया l

परन्तु दुर्गादास के पास ऐसा कोई भी खजाना नही थी l और उसने आत्म हत्या कर ली l यह खबर सुनकर राजा बहुत परेशान रहने लगा और राजा को कुष्ट रोग हो गया l राजा ने यह बात एक संत महात्मा को बतायी l महात्मा ने राजा को रघुनाथ जी को अयोध्या से लाने के लिए राजा को कहा l राजा ने रघुनाथ जी की प्रतिमा कुल्लू ले आयी l

प्रतिमा लाने के तुरंत बाद राजा ठीक होने लगा l इसके उपरांत राजा ने कुल्लू में दशहरा का आयोजन किया l तब से Kullu Dussehra 2020 यह उत्सब हर साल बडी धूमधाम से मनाया जाता है l तब से Lord Raghunath’s Rath Yatra हर साल यह निकाली जाती है l

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kullu dussehra 2020

Why is kullu dussehra famous

Lord Raghunath’s Rath Yatra कुल्लू दशहरा की शान है l जो कुल्लू दशहरा में बहुत famous है l kullu  Dussehra 2020 में नाटी का आयोजन भी किया जाता है l कुलबी ड्रेस में एक घेरे में हजार से भी आधिक लौग इस नाटी का हिस्सा बनते है l पिछले साल कुल्लू दशहरा में जो नाटी हुई थी l उस नाती को गिनीज बुक में एक रिकॉर्ड के आधार पर शामिल किया गया था l जो अब तक की सबसे ज्यादा लौगो द्वारा एक साथ की जाने वाली नाटी थी l

Kullu Dussehra पर अन्तेर्राष्ट्रीय कलाकारों को भी आमंत्रित किया जाता है l जिसमे बड़े बड़े कलाकार शामिल होते है l और अपनी सुरीली आवाज से दर्शको का मन मोह लेते है l इस उत्सब पर हंसराज रघुवंशी , नाटी किंग कुलदीप शर्मा जैसे फ्री कलाकार भी हजारी लगा चुके है l

Kullu Dussehra 2020 अच्छाई की बुराई पर जीत का प्रतीक भी मन जाता है l इस दिन भगवान राम ने दस सिरों वाले रावण को जीवन से मुक्ति दी थी l यह त्यौहार हमें लोभ , अहंकार , को त्यागने का पाठ भी पढाता है l

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लेखक : अजय शर्मा मुझे हिमाचल प्रदेश की न्यूज़ आप तक पहुँचाने के लिए बहुत अच्छा लगता है l हिमाचल की पल - पल की खबर इस वेबसाइट पर हिंदी में पढ़े l

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